चिकित्सा जगत में निरंतर परिवर्तन, तकनीकी उन्नति और अनुसंधान के इस युग में डॉक्टरों के लिए अपने ज्ञान को अद्यतन रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वर्धन हॉस्पिटल, बड़ा लालपुर, वाराणसी ने 8 नवम्बर 2025 को एक महत्वपूर्ण सतत चिकित्सा शिक्षा (CME – Continuing Medical Education) कार्यक्रम का आयोजन किया।
यह कार्यक्रम डॉक्टर वेलफेयर सोसाइटी, लालगंज (आजमगढ़) के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसने चिकित्सा समुदाय को एक मंच पर लाकर आपसी अनुभव-साझा और नई चिकित्सा पद्धतियों पर गहन विचार-विमर्श का अवसर प्रदान किया।
सी.एम.ई. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे —
डॉ. सुरजीत सिंह, C.M.O., 100 बेड हॉस्पिटल,
प्रोफेसर डॉ. एस.के. कनौजिया,
सुपरिंटेंडेंट डॉ. बी.के. सिंह,
जिन्होंने अपने उद्बोधन में चिकित्सा शिक्षा के निरंतर विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में
वर्धन हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. विवेक राज सिंह,
डॉक्टर वेलफेयर सोसाइटी, लालगंज के प्रेसिडेंट डॉ. एस.आर. सरोज,
सेक्रेटरी डॉ. पी.के. राय,
तथा सोसाइटी के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने वर्धन हॉस्पिटल की इस पहल की सराहना की और इसे चिकित्सा समुदाय के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया।
CME (Continuing Medical Education) का मुख्य उद्देश्य है — डॉक्टरों को नवीनतम चिकित्सा अनुसंधानों, उपकरणों, उपचार तकनीकों और दिशानिर्देशों से अवगत कराना ताकि वे अपने मरीजों को सर्वोत्तम और अद्यतन उपचार प्रदान कर सकें।
इस प्रकार के आयोजन डॉक्टरों को न केवल नई तकनीकों की जानकारी देते हैं बल्कि उन्हें क्लिनिकल प्रैक्टिस में सटीक निर्णय लेने में भी सहायता करते हैं।
वर्धन हॉस्पिटल ने इस CME के माध्यम से यह संदेश दिया कि “चिकित्सा केवल उपचार नहीं, बल्कि निरंतर सीखने और साझा करने की प्रक्रिया है।”
सी.एम.ई. में वर्धन हॉस्पिटल के तीन वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विभिन्न विषयों पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा के कई आयामों की समझ मिली।
डॉ. पवन कुमार ने अपने सत्र में बताया कि कैसे आधुनिक लेप्रोस्कोपिक तकनीकें अब पारंपरिक सर्जरी की तुलना में अधिक सुरक्षित, कम दर्दनाक और तेज़ रिकवरी प्रदान करती हैं।
उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि आज के समय में गॉलब्लैडर स्टोन, लिवर सिस्ट और हर्निया जैसी समस्याओं का समाधान बिना बड़े ऑपरेशन के किया जा सकता है।
“रोगियों के लिए अब सर्जरी का डर कम हुआ है, क्योंकि लेप्रोस्कोपी जैसी तकनीक ने उपचार को कम दर्दनाक, सटीक और सुरक्षित बना दिया है।”
— डॉ. पवन कुमार, D.M. Gastroenterology
डॉ. सुबोध पाठक ने बताया कि जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अब कंप्यूटर नेविगेशन, 3D इमेजिंग और रोबोटिक असिस्टेंस जैसी तकनीकों के कारण और भी परिष्कृत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से न केवल सर्जरी की सटीकता बढ़ती है बल्कि मरीजों को सर्जरी के तुरंत बाद ही सामान्य गतिविधियों में लौटने में मदद मिलती है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्धन हॉस्पिटल में अत्याधुनिक जॉइंट रिप्लेसमेंट यूनिट है जहाँ पर अनुभवी विशेषज्ञ और प्रशिक्षित स्टाफ नवीनतम उपकरणों के साथ सेवाएँ प्रदान करते हैं।
“हमारा उद्देश्य है कि हर मरीज अपने दर्द से मुक्त होकर आत्मनिर्भर जीवन जी सके।”
— डॉ. सुबोध पाठक, ऑर्थोपेडिक्स एवं ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन
डॉ. कीर्ति सिंह ने प्रोस्टेट, यूरिनरी ब्लॉकेज, किडनी स्टोन, और मूत्र संक्रमणों से जुड़ी बीमारियों के आधुनिक उपचारों पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि कैसे लेज़र और एंडोस्कोपिक तकनीक की मदद से बिना बड़े चीरे के सर्जरी की जा सकती है — जिससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेज़ रिकवरी का लाभ मिलता है।
उन्होंने PCNL, RIRS और TURP जैसी आधुनिक सर्जरी प्रक्रियाओं की जानकारी भी साझा की, जो वर्धन हॉस्पिटल में सफलता पूर्वक की जा रही हैं।
“वर्धन हॉस्पिटल में हर मरीज को नवीनतम यूरोलॉजिकल सुविधाएँ मिल रही हैं, जो किसी बड़े मेट्रो सिटी के अस्पताल से कम नहीं हैं।”
— डॉ. कीर्ति सिंह, M.Ch. Urology
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित डॉक्टरों और अतिथियों ने अपने विचार साझा किए।
डॉ. एस.आर. सरोज (President, Doctor Welfare Society) ने कहा कि ऐसी सी.एम.ई. डॉक्टरों के बीच संवाद और सहयोग की भावना को मजबूत करती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्धन हॉस्पिटल की यह पहल पूर्वांचल के चिकित्सा क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगी।
डॉ. विवेक राज सिंह (Director, Vardhan Hospital) ने अपने संबोधन में कहा —
“हमारा लक्ष्य है कि वाराणसी और आसपास के इलाकों के मरीजों को दिल्ली या मुंबई जाने की जरूरत न पड़े। वर्धन हॉस्पिटल में उन्हें वही गुणवत्ता, वही विशेषज्ञता और वही तकनीक उपलब्ध कराना हमारा वचन है।”
वर्धन हॉस्पिटल न केवल आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करता है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर कार्यरत है।
हॉस्पिटल की टीम का मानना है कि एक अच्छा डॉक्टर वही है जो निरंतर सीखता है और अपने ज्ञान को साझा करता है।
इसी भावना के तहत वर्धन हॉस्पिटल लगातार ऐसे सी.एम.ई., वर्कशॉप्स और हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम्स का आयोजन करता आ रहा है।
इस कार्यक्रम की सफलता में वर्धन हॉस्पिटल के वाइस प्रेसिडेंट श्री विकास सिंह और सी.ई.ओ. श्री आर.पी. सिंह का उल्लेखनीय योगदान रहा।
उन्होंने समस्त आयोजन की रूपरेखा, समन्वय और व्यवस्थापन को सुचारु रूप से संचालित किया।
उनकी मेहनत और समर्पण के परिणामस्वरूप यह सी.एम.ई. अत्यंत सफल रही और सभी अतिथियों ने इसकी प्रशंसा की।
सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) डॉक्टरों के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि चिकित्सा विज्ञान निरंतर विकसित हो रहा है।
नई दवाएँ, नए उपकरण, नई सर्जिकल तकनीकें — इन सबके बीच डॉक्टरों को हमेशा अपडेट रहना पड़ता है।
CME जैसे कार्यक्रम डॉक्टरों को नवीनतम रिसर्च और क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ते हैं, जिससे मरीजों को भी प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है।
वर्धन हॉस्पिटल ने इस CME के माध्यम से यह साबित किया कि वह केवल उपचार का केंद्र नहीं बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का संस्थान भी है।
वर्धन हॉस्पिटल, बड़ा लालपुर, वाराणसी ने अपनी इस पहल से एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वह पूर्वांचल में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
यह आयोजन न केवल डॉक्टरों के लिए शिक्षाप्रद रहा, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी था —
“जब डॉक्टर सीखते हैं, तो समाज स्वस्थ होता है।”
वर्धन हॉस्पिटल भविष्य में भी इसी तरह के CME, हेल्थ अवेयरनेस कैंप्स और एडवांस्ड वर्कशॉप्स का आयोजन करता रहेगा, ताकि मरीजों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सेवाएँ मिलती रहें।
A Year of Excellence. A Future of Possibilities. Vardhan Hospital Celebrates Its 1st Anniversary with Pride & Gratitude Vardhan Hospital proudly celebrates the completion
🩺 वर्धन हॉस्पिटल, वाराणसी द्वारा आयोजित सी.एम.ई.: आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और ज्ञान-साझा का प्रेरणादायक आयोजन चिकित्सा जगत में निरंतर परिवर्तन, तकनीकी उन्नति और अनुसंधान
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में वर्धन हॉस्पिटल द्वारा आयोजित भव्य चिकित्सा सम्मेलनरात्रि वर्धन हॉस्पिटल में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) चकिया, चंदौली के